Story

बाप और उसकी बेटी

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बाप और उसकी बेटी

  • Price

    ₹121

  • Paid Chapters

    11

मैंने दोनों हाथों से उसकी चूचियों को दबोच लिया और जोर-जोर से दबाने लगा। “आह्ह… पापा… धीरे…” वो शरमाते हुए बोली, लेकिन उसकी सिसकारियों में मज़ा साफ झलक रहा था। मैंने उसके एक निप्पल को मुँह में लिया और चूसने लगा। “ओह्ह… उफ़्फ़… आह्ह…” वो अंगड़ाइयाँ लेने लगी। उसकी साँसें और तेज हो गईं।

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